जयपुर,,राजस्थान के संविदा कर्मचारियों का लंबा संघर्ष खत्म होता नजर आ रहा है भारत जोड़ो यात्रा के अंतिम दौर में संविदाकर्मियों ने एक बार फिर राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा रखी है। जिस पर जवाब देते हुए राहुल गांधी ने जल्द उनकी समस्या के समाधान का वादा किया जिसके बाद प्रदेशभर के संविदा कर्मचारियों ने राहत की सांस ली हैसंयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शमशेर खान ने बताया कि झालावाड़ से लेकर अलवर तक हमने कई बार राहुल गांधी से मुलाकात की इस दौरान हमने उन्हें कई बार अपनी समस्या से अवगत कराया। आज जब यात्रा का अंतिम पड़ाव चल रहा था। तभी हमने उनका स्वागत कर उन्हें एक बार फिर अपनी समस्या बताई जिस पर उन्होंने जल्द ही हमें नियमित करने का वादा किया है। ऐसे में हमें उम्मीद है कि राजस्थान सरकार अपने फैसले में संशोधन कर प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों को राहत देगी दरअसल, पिछले दिनों सरकार ने सरकारी विभागों में काम कर रहे 1 लाख 10 हजार से ज्यादा संविदाकर्मियों को नियमित करने का फैसला किया गया था। जिसमें शिक्षाकर्मी, पैराटीचर्स और ग्राम पंचायत सहायक को कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस रूल्स के दायरे में लेने का 21 अक्टूबर को ही फार्मूला तय किया था जिसके तहत जिन संविदाकर्मियों का पहले का वेतन ज्यादा होगा। तो उन्हें मिलने वाले वेतन में दो सालाना इंक्रीमेंट जोड़कर नया वेतन तय किया करने का प्रावधान है वहीं संविदा पर शुरुआती वेतन 10 हजार 400 रुपए हर महीने तय होगा। ऐसे में 9 साल सर्विस पूरी करने पर 18 हजार 500 और 18 साल की सर्विस पूरी होने पर 32 हजार 300 रुपए का वेतन मिलेगा। इसके साथ ही जिन संविदा कर्मचारियों का पहले से मिलने वाला वेतन संरक्षित किया गया है उनकी 9 और 18 साल की सर्विस की गिनती इन नियमों के आने की तारीख से होगी। पहले की सर्विस 9 और 18 साल की गिनती में शामिल नहीं होगी। जिसको लेकर संविदाकर्मी विरोध कर रहे है कैबिनेट सब कमेटी की रिपोर्ट के बाद बनाए थे नियम कांग्रेस सरकार बनने के बाद ​संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई थी कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिश के आधार पर संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए नियम बनाए गए थे संविदाकर्मी सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन-पेंशन की मांग कर रहे थे, लेकिन कल्ला कमेटी ने दूसरा फार्मूला निकाला। सरकारी विभागों में काम करने वाले संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस रूल्स 2021 बनाए गए। अब इन नियमों के दायरे में संविदाकर्मियों को लिया जाएगा सरकार ने बीच का रास्ता निकाला संविदाकर्मी परमानेंट सरकारी नौकरी और उसी हिसाब से पद और वेतन की मांग कर रहे थे संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के मौजूदा फार्मूले में संविदाकर्मी सरकार के परमानेंट कर्मचारी नहीं माने जाएंगे, उन्हें संविदा कर्मचारी माना जाएगा फर्क इतना सा है कि उन्हें अब इंक्रिमेंट मिलता रहेगा और उनकी जॉब सिक्योरिटी हो जाएगी जब सरकार किसी पद को स्थायी करेगी तब 5 साल से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों में से स्क्रीनिंग करके उन्हें ही इस पद पर परमानेंट करने का प्रावधान है जब सरकार किसी पद को स्थायी करेगी तब 5 साल से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों में से स्क्रीनिंग करके उन्हें ही इस पद पर परमानेंट करने का प्रावधान है 1 लाख 10 हजार 279 संविदाकर्मी होंगे नियमित राजस्थान में मौजूदा समय में शिक्षा विभाग के शिक्षा कर्मी, पैराटीचर्स, ग्राम पंचायत सहायक, अंग्रेजी माध्यम टीचर सहित कुल 41 हजार 423 संविदाकर्मी नियमित होंगे। इसी तरह ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के राजीविका और मनरेगा के कुल 18 हजार 326 संविदाकर्मी, अल्पसंख्यक विभाग के 5 हजार 697 मदरसा पैरा टीचर्स, हेल्थ डिपार्टमेंट के 44 हजार 833 संविदाकर्मियों सहित कुल 1 लाख 10 हजार 279 संविदाकर्मी नियमित होंगे