पवन छाबड़ा (संवाददाता अलवर )
अलवर,, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री टीकाराम जूली ने रविवार को अलवर शहर स्थित नेहरू गार्डन में परशुराम कला मंदिर समिति की ओर से स्थापित शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया पूर्व केन्द्रीय मंत्री सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में दिए गए अपने उद्बोधन में कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर स्थापित गई उनकी यह प्रतिमा क्रांतिकारियों के बलिदान एवं उनके विचारों की याद दिलाएगी। उन्होंने स्व. पंडित रामावतार जिन्होंने यह प्रतिमा लगाने का संकल्प लिया था को याद किया। उन्होंने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद को हमें अपने दिलों में खोजना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद आजाद का सपना था कि देश स्वतंत्र होने के साथ देश की सामाजिक बुराइयां दूर हो, देश में भाईचारा व अमनचैन रहे इसके लिए हमें उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए मंत्री जूली ने चन्द्रशेखर आजाद को नमन करते हुए कहा कि यह प्रतिमा अपने आप में अनुपम है क्योंकि इसमें एक-एक व्यक्ति का एक-एक रूपये का योगदान है। इस प्रतिमा के साथ आमजन की भावनाएं जुडी हुई है। उन्होंने स्व. पंडित रामावतार शर्मा एवं परशुराम कला मंदिर समिति को साधुवाद देते हुए कहा कि आजाद की यह प्रतिमा देश के लिए कुर्बानी देने वाले असंख्य शहीदों की याद दिलाती रहेगी परशुराम कला मंदिर समिति के संरक्षक गोपीचन्द शर्मा ने प्रतिमा लगाने के विचार एवं उसको मूर्तरूप देने तक के सफर के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान समिति के नाटयकर्मियों द्वारा शहीद चन्द्रशेखर आजाद के जीवन प्रसंग पर प्रस्तुति दी। अतिथियों ने गुरूग्राम निवासी मूर्तिकार श्री विवेक, प्रतिमा का प्लेटफार्म तैयार करने पर विशेष सहयोग देने पर श्री दीपक आहुजा तथा यशवन्त मीना को सम्मानित किया तथा उन्होंने स्व. पंडित रामावतार शर्मा के परिजनों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री पंडित मोहित शर्मा ने किया। समिति के अध्यक्ष श्री राधामोहन शर्मा ने आगन्तुको का आभार जताया इस दौरान जिला प्रमुख श्री बलबीर छिल्लर, अजय अग्रवाल, मुकेश सारवान, अशोक तनेजा, अविनाश नागपाल, अशोक आहुजा, प्रदीप आर्य, महेश मुदगल, रोहिताश चौधरी, श्री रिपुदमन गुप्ता, नितिन धाकड, गोपाल जायसवाल, के.के. खण्डेलवाल, गोरीशंकर विजय, रामस्नेही शर्मा, दुलीचंद मीना, साजिद खान, डॉ. गौरव यादव तथा परशुराम कला मंदिर समिति के कार्यकारिणी के सदस्य एवं प्रबुद्ध व्यक्ति तथा बडी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे