जयपुर,, सरकारी स्कूल में बच्चों को स्वास्थ्य एवं शिक्षा देने का दावा हो, मगर यह हकीकत से दूर है जयपुर जिले के बस्सी उपखंड क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी स्कूल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कल्याण गंज बस्सी के शौचालय (government school toilet) में सफाई, सुरक्षा और मेंटनेंस की पोल खुलती दिखाई देती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शौचालयों को लेकर शिक्षा विभाग व विद्यालय प्रशासन कितना गंभीर है विद्यालय परिसर भी गंदगी की चपेट में हैं शौचालय में गटर भी खुला हुआ है, जिसमें लोहे की कुर्सियां भी पड़ी हैं। ऐसे में परिजनों को विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की ङ्क्षचता सताती रहती है विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शौचालय में गंदगी का बुरा हाल है शौचालय में कचरे व गंदगी का ढेर लगा है बदबू से कोई भी विद्यार्थी शौच के लिए थोड़ी देर खड़ा नहीं हो सकता। विद्यार्थियों को स्कूल में गंदगी व बदबू में पढऩा पड़ रहा है इससे बच्चों को कई बीमारियां होने का खतरा रहता है इनका कहना है मुझे यहां आए हुए कुछ ही दिन हुए हैं वैसे विद्यालय में पानी की सबसे बड़ी समस्या जरूर है शौचालय में तो हम सफाई कराते रहते हैं। सिर्फ एक गेट टूटा हुआ है उसकी मरम्मत करा देंगे राकेश कुमार तिवाड़ी, प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कल्याण गंज बस्सी सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाएं पूरी तरह से दुरुस्त कराने के लिए संस्था प्रधानों को पहले से ही पाबंद कर रखा है शौचालयों की हालात खराब होने की मुझे जानकारी मिली है संस्था प्रधानों को आदेश देकर सरकारी स्कूलों के शौचालयों को दुरुस्त कराने को लेकर दोबारा पाबंद किया जाएगा लल्लू लाल मीणा, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, बस्सी गंदगी-बदबू के बीच कर रहे पढ़ाई जहां एक तरफ अभियान चलाकर बच्चों को सरकारी स्कूलों तक लाने की कोशिश की जा रही है सरकार एक तरफ तो स्वच्छता अभियान चलाकर वाह-वाही लूट रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों में इसके हालात विपरीत देखे जा रहे हैं गंदगी का आलम होने की वजह से नौनिहालों पर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है इससे स्वच्छ मिशन की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं ऐसे में बच्चों को मजबूरन गंदगी में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है