जयपुर,, मदरसा जामिया तय्यबा मेमोरियल स्कूल, नाहरी का नाका, शास्त्री नगर जयपुर में प्रत्येक वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी राष्ट्रीय शिक्षा दिवस व उर्दू दिवस बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया इस प्रोग्राम में मुख्य अतिथियों का शाफा/माला पहनाकर व मोमेन्टो देकर सम्मान भी किया गया प्रोग्राम की शुरूआत मदरसा जामिया तय्यबा मेमोरियल स्कूल के एक तालिब ए इल्म हाफिज मोहम्मद शाकिर ने कुरान-ए-करीम की तिलाबत से की उसके बाद मदरसे की एक तालिबा मन्तशा बानो ने मौलाना अबुल कलाम आजाद की खुबियों के बारे में बताया। प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के रूप में जनाब असलम फारूकी साहब (जयपुर नगर निगम हैरीटेज डिप्टी मेयर), हाजी नबाव अली चिराणियाँ (वार्ड 23 पार्षद प्रतिनिधी), जनाब  आजम खान सहाब (आरी तारी दस्तकार मजदूर कल्याण संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष), जनाब शकील जयपुरी साहब (जयपुर शहर के शायर), जनाब सय्यद साहिबे आलम साहब (राष्ट्रीय मुस्लिम महासभा के अध्यक्ष व तसनीम टीवी के चीफ एडिटर),जनाब अब्दुल रहीम साहब(एडिटर जनमानस टीवी), जनाब फरहान इस्राईली साहब(पत्रकार रॉयल पत्रिका), जनाब हाजी नसीम उद्दीन साहब (सम्पादक किरदान न्यूज पेपर) एवं जनाब मोहम्मद नईम साहब (एडिटर वन इण्डिया न्यूज प्लस एवं पत्रकार मरुधर आवाज दैनिक समाचार पत्र) उपस्थित रहे प्रोग्राम में उपस्थित जनाब असलम फारूकी साहब (जयपुर नगर निगम हैरीटेज डिप्टी मेयर) ने बच्चों की हौसला अफजाई करते हुये मौलाना अबुल कालाम आजाद के बारे में बताया कि मौलाना अबुल कलाम एक ऐसे राष्ट्र की परिकल्पना कर रहे थे जहां धर्म, जाति, सम्प्रदाय और लिंग किसी के अधिकारों में आड़े न आने पाऐ इसके अलावा और भी कई सारी बाते बच्चों को बताई एवं उनको शिक्षा का महत्व भी बातया। जनाब सय्यद साहिबे आलम साहब (राष्ट्रीय मुस्लिम महासभा के अध्यक्ष व तसनीम टीवी के चीफ एडिटर) ने भी मदरसे के बच्चों की हौसला अफजाई करते हुये बताया की वर्तमान में शिक्षा कितनी जरूरी है आप लोग इसी तरह आगे भी शिक्षा लेती रहे एवं इसी तहजीब और सलीके से अपनी कौम का नाम रौशन करें जिस तरह आज इस मदरसे में सभी बच्चियां तहजीब व हिजाब में अपनी दीनी व दुनियावी इल्म हासिल कर रही है, इसी तरह आगे चलकर बड़े-बड़े कॉलेजों में भी अपनी आगे भी अपनी तालीम हासिल करती रहें। अन्त में मदरसे की तारीफ करते हुये मदरसे के डायरेक्टर कारी मौहम्मद इस्हाक साहब को इस तरह के मॉर्डन मदरसे को बनाने के लिये और बच्चों को इतनी अच्छी तहजीब व तालीम देने के लिये उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। हाजी नबाव अली चिराणियाँ (वार्ड 23 पार्षद प्रतिनिधी) ने बताया की मौलाना अबुल कलाम आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री थे एवं उन्होने 11 वर्षो तक राष्ट्र की शिक्षा निति का मार्ग दर्शन किया प्रोग्राम में आगे अब्दुल रहीम (एडिटर जनमानस टीवी), ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के बारे मे बताते हुये कहा की उन्होने भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री रहते हुये उन्होने निःशुल्क शिक्षा, भारतीय शिक्षा पद्धति आदि संस्थानों की स्थापना में अत्यधिक परिश्रम के साथ कार्य किया प्रोग्राम के अन्त में मदरसे के डायरेक्टर कारी मोहम्मद इस्हाक ने मौलाना अबुल कलाम आजाद की जीवनी के बारे बताया कि केन्द्रीय सलाहकार शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष होने पर सरकार से केन्द्र और राज्यों दोनो के अतिरिक्त विश्वविद्यालयो में सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा 14 वर्ष तक की आयु के लिये निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा, कन्याओं की शिक्षा, व्यवसायिक प्रशिक्षण, कृषि शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसे सुधारों की वकालत भी की प्रोग्राम का संचालन जनाब जरीफ अहमद साहब ने किया प्रोग्राम के अन्त में मदरसे के डायरेक्टर कारी मोहम्मद इस्हाक ने प्रोग्राम में आये हुये मेहमानो का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया