नागौर के मकराना में लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी मोदी सरकार पर हमलावर रहे। यहां पर 19 मिनट का उनका भाषण नए कृषि कानून पर ही केंद्रित रहा। राहुल ने कहा कि कोरोना के समय मोदी से लोगों ने रेल व बस का टिकट मांगा। मोदी ने कहा- नहीं, मैं एक रुपया नहीं दूंगा। मगर उसी समय मोदी ने अपने उद्योगपति मित्रों का 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफ कर दिया।

राहुल के भाषण की 4 मुख्य बातें…

किसानों को उद्योगपतियों के सामने खड़ा करना चाहती है केंद्र सरकार
कृषि ऐसा बिजनेस है जिसे कोई कंट्रोल नहीं करता है। शायद यह दुनिया में एकमात्र ऐसा बिजनेस है। हिंदुस्तान में इसे देश की 40 प्रतिशत आबादी कंट्रोल करती है। यह करोड़ों लोगों का बिजनेस है। यह दुनिया का सबसे बड़ा बिजनेस है। मतलब 40 लाख करोड़ का बिजनेस है। नरेंद्र मोदी अब नए कानून इसलिए लाए हैं कि वह इस बिजनेस को 40 प्रतिशत आबादी से छीनकर दो-तीन उद्योगपतियों के हाथों में देना चाहते हैं। मंडी छोटे व्यापारी का मीटिंग प्वाइंट है। मोदी सरकार उसे खत्म करना चाहती है। किसान को उद्योगपतियों के सामने खड़ा करना चाहती है।

कृषि, हिंदुस्तान को रोजगार देता है
कृषि एक ऐसा बिजनेस है, जो हिन्दुस्तान की जनता को रोजगार देता है। इसके बिना हिन्दुस्तान रोजगार पैदा नहीं कर पाएगा। जो आपका है वो मोदी 2 लोगों को दे रहे हैं। जो युवा यहां खड़े हैं उनका रोजगार छीना जा रहा है। हिन्दुस्तान की रीढ़ को तोड़ा जा रहा है। कोरोना के समय मोदी से लोगों ने रेल व बस का टिकट मांगा। मोदी ने कहा- नहीं, मैं एक रुपया नहीं दूंगा। मगर उसी समय मोदी ने अपने उद्योगपति मित्रों का 1 लाख 50 हजार करोड़ कर्जा माफ कर दिया।

ऐसी गलती मैं करता जाऊंगा
मैं 2004 से लोकसभा में हूं। मैंने देखा है कि जब भी कोई शहीद होता है तो पूरी संसद दो मिनट मौन रखती है। किसान आंदोलन में हमारे 200 किसान शहीद हुए मगर संसद में दो मिनट के मौन के लिए सांसद खड़े नहीं हुए। मैंने कहा, ठीक है ऐसा नहीं हुआ तो मैं अपने भाषण के बाद अकेले शांत खड़ा हो जाऊंगा, और जो भी मेरे साथ खड़ा होना चाहता है खड़ा हो जाए। मैंने कहा चाहे वह किसी भी पार्टी का हो। मैं दो मिनट ऐसे चुप हो गया। मैं देश के किसानों को कहना चाहता हूं कि न कोई मंत्री या भाजपा का एमपी खड़ा हुआ। दुनिया के सामने इन लोगों ने किसान का अपमान किया। फिर स्पीकर ने कहा कि आप लिखकर दीजिए। मैं स्पीकर को लिखकर दूंगा। मुझे पूरा भरोसा है कि स्पीकर लोकसभा को दो मिनट मौन के लिए खड़ा होने देंगे। क्या मैंने गलती की? यदि गलती की तो मैं फिर से करूंगा। कर लो जो करना है। और करता जाऊंगा ऐसी गलती।

मैं अपनी जिम्मेदारी निभा रहा हूं
मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहा हूं। मेरा काम आपको सच्चाई बताने का है। मैंने कोरोना के समय 10 बार मीडिया से कहा- कोरोना से भारत माता को जबरदस्त नुकसान होने वाला है। प्रेस वालों ने मेरा मजाक उड़ाया। प्रेस वाले कहते हैं कि ये किसान नहीं है। ये देशद्रोही हैं। नरेंद्र मोदी संसद में उनको आंदोलनजीवी कहते हैं। उनका अपमान करते हैं, उनका मजाक उड़ाते हैं। मैंने संसद में अपने भाषण में सिर्फ किसान की बात की। मैंने मना किया, बजट पर नहीं बोलूंगा और कहा कि मैं सिर्फ किसान पर बोलूंगा। चाहे मुझे बाहर फेंक दो।

मकराना में महिला समर्थकों ने राहुल के साथ सेल्फी ली।
मकराना में महिला समर्थकों ने राहुल के साथ सेल्फी ली
परबतसर में राहुल ऊंट गाड़ी पर भी सवार हुए।
परबतसर में राहुल ऊंट गाड़ी पर भी सवार हुए।

पायलट ने कहा- मोदी सरकार को कोई ललकारने वाला है तो वह राहुल
मकराना में राहुल से पहले सचिन पायलट ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब लॉकडाउन हो गया था, तब सब बंद था, लेकिन किसानी बंद नहीं थी। केंद्र सरकार ने मानस बना लिया है कि सभी के पेट पर लात मारनी है, लेकिन मुझे विश्वास है कि जो मुहिम राहुल जी ने छेड़ी है, उसका संदेश देश में जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने मन बना लिया है कि ऐसी सरकार को घुटने पर हम जरूर टेकेंगे। राहुलजी का यह दौरा केंद्र की सरकार को हिलाने वाला है। यदि मोदी सरकार को कोई ललकारने वाला है तो वह राहुल गांधी हैं।

तेजाजी मंदिर में की पूजा, रूपनगढ़ में ट्रैक्टर भी चलाया
इससे पहले शनिवार को राहुल के दौरे की शुरुआत अजमेर से हुई। सबसे पहले उन्होंने किशनगढ़ स्थित तेजाजी मंदिर में दर्शन किए। फिर रूपनगढ़ में ट्रैक्टर रैली को संबोधित किया। इस दौरान राहुल ने ट्रैक्टर भी चलाया। राहुल ने दो दिन के दौरे में 4 जिलों में 4 सभाओं को संबोधित किया है। मकराना रैली के साथ ही राहुल का राजस्थान का दो दिन का दौरा खत्म हो गया। वह मकराना से किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।